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Delivery के बाद pain से recover करने के लिठकरें ये उपाय
नौ महीनों की पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी का असर डिलिवरी के बाद मां के शरीर पर दिखाई देता है। डिलिवरी के बाद कम से कम छह हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का समय शरीर के उबरने का होता है। इस दौरान शरीर में होने वाले दरà¥à¤¦ को दूर करने के कई उपाय हैं।
pregnancy pain
नौ महीनों तक गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की मà¥à¤¶à¥à¤•िलों को सह कर आपने à¤à¤• सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ बचà¥â€à¤šà¥‡ को जनà¥â€à¤® दिया लेकिन आपकी परेशानियां अà¤à¥€ à¤à¥€ खतà¥â€à¤® नहीं होती हैं। चाहे आपकी डिलिवरी कितनी à¤à¥€ दरà¥à¤¦ रहित कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ न रही हो डिलिवरी के बाद शरीर में कहीं न कहीं दरà¥à¤¦ रहता ही है। इसीलिठपà¥à¤°à¤¸à¤µ के कम से कम छह हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ बाद का समय रिकवरी पीरियड माना जाता है।
देखा गया है कि इसके बाद à¤à¥€ शरीर में कई जगह दरà¥à¤¦ रहता है, जैसे टांकों में, जोड़ों में, पेट में, टेल बोन में और मांसपेशियों में। इन सà¤à¥€ तरह के दरà¥à¤¦ को कà¥à¤› सावधानियां बरत कर, कà¥à¤› को कसरत और उचित खानपान से दूर किठजा सकता है।
डिलिवरी के बाद दरà¥à¤¦ दूर करने के उपाय:
गरà¥à¤® पानी से सà¥â€à¤¨à¤¾à¤¨ और मालिश
डिलिवरी के बाद अकà¥â€à¤¸à¤° शरीर दरà¥à¤¦ की शिकायत रहती है। नौ महीनों तक बढ़े वजन के बाद अचानक वजन कम होने से, हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥â€à¤¸ के बदलाव वगैरह की वजह से शरीर दरà¥à¤¦ होता है। इसका उपाय है कि आप गà¥à¤¨à¤—ने पानी से सà¥â€à¤¨à¤¾à¤¨ करें। कà¥à¤› जानकार शरीर दरà¥à¤¦ को दूर करने के लिठअजवायन के पानी से नहाने को कहते हैं। लेकिन यह आप तà¤à¥€ करें जब यह आपको लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• लगे। इसके बाद अगर अपने शरीर की मालिश कराती हैं तो à¤à¥€ दरà¥à¤¦ में राहत होगी। धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रहे पेट की मालिश न कराà¤à¤‚।
जोड़ों का दरà¥à¤¦
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में जोड़ों पर बहà¥à¤¤ दबाव पड़ता है इसके अलावा हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ रिलेकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ से जोड़ à¤à¥€ लचीले हो जाते हैं। जब डिलिवरी के बाद शरीर फिर पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आता है तो जोड़ों का दरà¥à¤¦ उà¤à¤°à¤¨à¥‡ लगता है। इसके अलावा पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और इस वजह से à¤à¥€ हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर जोर पड़ता है। इस दरà¥à¤¦ को दूर करने के लिठआपको धीरे-धीरे कसरत करके अपनी मांसपेशियों को फिर से मजबूत बनाना है।
पेट में दरà¥à¤¦
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में बढ़ा हà¥à¤† गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ फिर सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¤¾ है। इस वजह से पेट में à¤à¤‚ठन होने लगती है। इसे दूर करने के लिठगरà¥à¤® पानी की बोतल से सिंकाई की जा सकती है। धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि अगर सिजेरियन हà¥à¤† है तो टांकों से दूर सिंकाई करें।
पà¥à¤šà¥â€à¤› कशेरà¥à¤• या टेल बोन में दरà¥à¤¦
जानकारों का मानना है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में बढ़े हà¥à¤ वजन का असर रीढ़ की सबसे निचले सिरे टेल बोन पर पड़ता है। इसे दूर करने के लिठसबसे पहले कोशिश की जाठकि इस पर दबाव न पड़े। इसलिठबैठते समय किसी नरà¥à¤® तकिठका इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें, इसके लिठविशेष तौर पर बने तकिठà¤à¥€ आते हैं। ठोस सतह पर न बैठा जाà¤à¥¤
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